शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
सुनो, तेरी हर बात का मिठास मेरी तकदीर के पन्नों पर,
हमेशा के लिए बस गया है, कि तेरी खुशियों के लिए हम ज़माने से भी टकरा सकते हैं। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 818]
हमेशा के लिए बस गया है, कि तेरी खुशियों के लिए हम ज़माने से भी टकरा सकते हैं। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 818]