ग़ज़ल और नज़्म
दिल कहता है, तेरी हर अदा का जलवा मेरी हर सुबह ओ शाम में,
हर पल नया रंग भर रहा है, कि अब तेरे बिना एक पल भी गवारा नहीं होता।
हर पल नया रंग भर रहा है, कि अब तेरे बिना एक पल भी गवारा नहीं होता।