ग़ज़ल और नज़्म
खुदा गवाह है, तेरी यादों का ये कारवां मेरी सूनी रातों में,
नया उजाला बिखेर रहा है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो।
नया उजाला बिखेर रहा है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो।