इमोशनल शायरी इन हिंदी
यूं तो, तेरी बाहों का ये आशियाना मेरे रोम-रोम के अहसास में,
बेपनाह सुकून दे रहा है, कि तू ही मेरी पहली और आखरी मंजिल बन चुकी है। [इमोशनल शायरी इन हिंदी 930]
बेपनाह सुकून दे रहा है, कि तू ही मेरी पहली और आखरी मंजिल बन चुकी है। [इमोशनल शायरी इन हिंदी 930]