इमोशनल शायरी इन हिंदी
खामोशियों के दरमियां, तेरी मासूमियत का ये अंदाज़ मेरे सपनों के आंगन में,
खुदा की रहमत बन गया है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
खुदा की रहमत बन गया है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।