दोस्ती शायरी इन हिंदी
ज़माने से कह दो, सच्चे दोस्त का ये सच्चा आईना मुश्किलों के घने अंधेरों में,
हर ग़म को पल भर में भुला रहा है, सच्ची दोस्ती कभी वक्त या दूरियों के साथ फीकी नहीं पड़ती।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
हर ग़म को पल भर में भुला रहा है, सच्ची दोस्ती कभी वक्त या दूरियों के साथ फीकी नहीं पड़ती।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।