दोस्ती और यारी शायरी
सदा, यारी की ये कसम और निश्छल प्यार सुख और दुख की हर घड़ी में,
नई उम्मीद और हौसला दे रहा है, कि तेरी यारी पर हमें खुद से भी ज्यादा फख्र और नाज़ है।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
नई उम्मीद और हौसला दे रहा है, कि तेरी यारी पर हमें खुद से भी ज्यादा फख्र और नाज़ है।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।