दोस्ती और यारी शायरी
यारी की ये कसम और निश्छल प्यार हर खुशी और गम के सफर में,
अनमोल रोशनी बिखेर रहा है, कि तेरी यारी पर हमें खुद से भी ज्यादा फख्र और नाज़ है। [दोस्ती और यारी शायरी 910]
अनमोल रोशनी बिखेर रहा है, कि तेरी यारी पर हमें खुद से भी ज्यादा फख्र और नाज़ है। [दोस्ती और यारी शायरी 910]