दोस्ती और यारी शायरी
यूं तो, दोस्तों के साथ बिताए हुए हसीन लम्हे ज़िंदगी के हर एक मोड़ पर,
हर ग़म को पल भर में भुला रहा है, ये वो पवित्र बंधन है जो कभी वक्त की मार से नहीं टूटता।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
हर ग़म को पल भर में भुला रहा है, ये वो पवित्र बंधन है जो कभी वक्त की मार से नहीं टूटता।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।