दोस्ती और यारी शायरी
दिल की गहराइयों से, सच्चे दोस्त का ये सच्चा आईना मुश्किलों के घने अंधेरों में,
फूलों की तरह सदा महक रहा है, कि दोस्तों की एक सच्ची हंसी पर सारा जहां कुर्बान है। [दोस्ती और यारी शायरी 707]
फूलों की तरह सदा महक रहा है, कि दोस्तों की एक सच्ची हंसी पर सारा जहां कुर्बान है। [दोस्ती और यारी शायरी 707]