दोस्ती और यारी शायरी
हर घड़ी, दोस्तों की निस्वार्थ और अटूट मोहब्बत हमारी ज़िंदगी के सफर में,
ज़िंदगी को हसीन गुलज़ार बना रहा है, तेरी दोस्ती ने ज़िंदगी को जीने का असली मक़सद दे दिया। [दोस्ती और यारी शायरी 648]
ज़िंदगी को हसीन गुलज़ार बना रहा है, तेरी दोस्ती ने ज़िंदगी को जीने का असली मक़सद दे दिया। [दोस्ती और यारी शायरी 648]