ब्रेकअप शायरी इन हिंदी
खुदा गवाह है, बेवफाई के गहरे ज़ख्म मेरी भीगी आँखों में,
कांच की तरह बिखर रहा है, कि कांच की तरह टूटकर बिखर गए हमारे सारे अरमान। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 696]
कांच की तरह बिखर रहा है, कि कांच की तरह टूटकर बिखर गए हमारे सारे अरमान। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 696]