ब्रेकअप शायरी इन हिंदी
ज़माने से कह दो, मोहब्बत में मिले धोखे का नासूर मेरे दिल के वीराने में,
अंधेरों में धकेल रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 626]
अंधेरों में धकेल रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 626]