ब्रेकअप शायरी इन हिंदी
सदा, जुदाई का ये कड़वा ज़हर मेरी भीगी आँखों में,
कांच की तरह बिखर रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने।
कांच की तरह बिखर रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने।