ब्रेकअप शायरी इन हिंदी
सच है, खामोश लबों की दबी हुई चीख मेरी खामोश रातों में,
उम्र भर का नासूर बन गया है, कि अब किसी पर भी ऐतबार करना नामुमकिन हो गया।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
उम्र भर का नासूर बन गया है, कि अब किसी पर भी ऐतबार करना नामुमकिन हो गया।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।