ब्रेकअप शायरी इन हिंदी
सुनो, छूटे हुए हमसफर की यादें मेरी खामोश रातों में,
उम्र भर का नासूर बन गया है, कि अब किसी पर भी ऐतबार करना नामुमकिन हो गया। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 863]
उम्र भर का नासूर बन गया है, कि अब किसी पर भी ऐतबार करना नामुमकिन हो गया। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 863]