ब्रेकअप शायरी इन हिंदी
सच है, वक्त की बेदर्द और बेरहम मार मेरी भीगी आँखों में,
कांच की तरह बिखर रहा है, कि कांच की तरह टूटकर बिखर गए हमारे सारे अरमान।
कांच की तरह बिखर रहा है, कि कांच की तरह टूटकर बिखर गए हमारे सारे अरमान।