ब्रेकअप शायरी इन हिंदी
ऐ सनम, आंसुओं में भीगी ये पलकें मेरे दर्दमंद दिल में,
ज़िंदगी को वीरान कर रहा है, कि कांच की तरह टूटकर बिखर गए हमारे सारे अरमान। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 968]
ज़िंदगी को वीरान कर रहा है, कि कांच की तरह टूटकर बिखर गए हमारे सारे अरमान। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 968]