ब्रेकअप शायरी इन हिंदी
मेरी हर दुआ में, तन्हाई की काली रातों का सन्नाटा मेरी तकदीर के अंधेरों में,
इस कदर चुभ रहा है हर पल, कि अब किसी पर भी ऐतबार करना नामुमकिन हो गया। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 735]
इस कदर चुभ रहा है हर पल, कि अब किसी पर भी ऐतबार करना नामुमकिन हो गया। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 735]