बेवफा शायरी इन हिंदी
मेरे हमदम, अधूरे ख्वाबों का ये बिखरा मंज़र मेरे दिल के वीराने में,
नासूर बनकर रिस रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने। [बेवफा शायरी इन हिंदी 891]
नासूर बनकर रिस रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने। [बेवफा शायरी इन हिंदी 891]