बेवफा शायरी इन हिंदी
बेशक, मोहब्बत में मिले धोखे का नासूर मेरे खामोश आशियाने में,
ज़िंदगी को वीरान कर रहा है, कि कांच की तरह टूटकर बिखर गए हमारे सारे अरमान। [बेवफा शायरी इन हिंदी 919]
ज़िंदगी को वीरान कर रहा है, कि कांच की तरह टूटकर बिखर गए हमारे सारे अरमान। [बेवफा शायरी इन हिंदी 919]