बेवफा शायरी इन हिंदी
हकीकत यही है, ख्वाबों के उजड़ने का मातम मेरी वीरान ज़िंदगी में,
कांच की तरह बिखर रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने। [बेवफा शायरी इन हिंदी 803]
कांच की तरह बिखर रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने। [बेवफा शायरी इन हिंदी 803]