बेवफा शायरी इन हिंदी
खामोशियों के दरमियां, दिल में दफन अनकहे फ़साने मेरे सीने के अंदर,
उम्र भर का नासूर बन गया है, कि अब किसी पर भी ऐतबार करना नामुमकिन हो गया।
उम्र भर का नासूर बन गया है, कि अब किसी पर भी ऐतबार करना नामुमकिन हो गया।