बेवफा शायरी इन हिंदी
बस इतना समझ लो, उदासी की ये लंबी शामें मेरी भीगी आँखों में,
अंधेरों में धकेल रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया। [बेवफा शायरी इन हिंदी 625]
अंधेरों में धकेल रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया। [बेवफा शायरी इन हिंदी 625]