बेवफा शायरी इन हिंदी
सच है, टूटे हुए दिल का ये दर्द मेरी उदासियों के आलम में,
सांसों को भारी कर रहा है, कि अब रोते हुए भी मुस्कुराना हमारी मजबूरी बन गई। [बेवफा शायरी इन हिंदी 786]
सांसों को भारी कर रहा है, कि अब रोते हुए भी मुस्कुराना हमारी मजबूरी बन गई। [बेवफा शायरी इन हिंदी 786]