बेवफा शायरी इन हिंदी
ऐ दोस्त, खामोश लबों की दबी हुई चीख मेरी यादों के खंडहर में,
चेहरे की मुस्कान छीन रहा है, कि खुशियों की तलाश में सिर्फ ग़म ही ग़म हाथ लगे। [बेवफा शायरी इन हिंदी 992]
चेहरे की मुस्कान छीन रहा है, कि खुशियों की तलाश में सिर्फ ग़म ही ग़म हाथ लगे। [बेवफा शायरी इन हिंदी 992]