बेवफा शायरी इन हिंदी
ज़िंदगी के सफर में, रोते हुए दिल की ये बेबसी मेरे दिल के वीराने में,
नासूर बनकर रिस रहा है, कि कांच की तरह टूटकर बिखर गए हमारे सारे अरमान।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
नासूर बनकर रिस रहा है, कि कांच की तरह टूटकर बिखर गए हमारे सारे अरमान।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।