बेवफा शायरी इन हिंदी
अक्सर, छूटे हुए हमसफर की यादें मेरी तकदीर के अंधेरों में,
अंदर ही अंदर जला रहा है, कि खुशियों की तलाश में सिर्फ ग़म ही ग़म हाथ लगे।
अंदर ही अंदर जला रहा है, कि खुशियों की तलाश में सिर्फ ग़म ही ग़म हाथ लगे।