बेवफा शायरी इन हिंदी
कसम से, उदासी की ये लंबी शामें मेरी सांसों की चुभन में,
खामोशी से रुला रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है। [बेवफा शायरी इन हिंदी 845]
खामोशी से रुला रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है। [बेवफा शायरी इन हिंदी 845]