बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
दिल की गहराइयों से, आँखों से बहते अश्कों का दरिया मेरे दिल के वीराने में,
ज़िंदगी को वीरान कर रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने।
ज़िंदगी को वीरान कर रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने।