बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
यूं तो, रोते हुए दिल की ये बेबसी मेरे दिल के वीराने में,
ज़िंदगी को वीरान कर रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने। [बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी 947]
ज़िंदगी को वीरान कर रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने। [बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी 947]