बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
दिल कहता है, वक्त की बेदर्द और बेरहम मार मेरी सांसों की चुभन में,
आंसुओं का सैलाब ला रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है।
आंसुओं का सैलाब ला रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है।