एटीट्यूड शायरी इन हिंदी
मेरी हर दुआ में, हमारी औकात और बुलंदी का कद ज़माने की सोच के पार,
अपनी बादशाहत कायम कर रहा है, हमसे टकराने का अंजाम सिर्फ और सिर्फ तबाही और बर्बादी होता है।
अपनी बादशाहत कायम कर रहा है, हमसे टकराने का अंजाम सिर्फ और सिर्फ तबाही और बर्बादी होता है।