एटीट्यूड शायरी इन हिंदी
बस इतना समझ लो, हमारी शर्तों पर जीने का ये हुनर खुले आसमान के नीचे,
जलने वालों को राख कर रहा है, अपनी तकदीर हम खुद अपनी मेहनत और तलवार से लिखते हैं।
जलने वालों को राख कर रहा है, अपनी तकदीर हम खुद अपनी मेहनत और तलवार से लिखते हैं।