एटीट्यूड शायरी इन हिंदी
ऐ दोस्त, हमारी शर्तों पर जीने का ये हुनर खुले आसमान के नीचे,
जलने वालों को राख कर रहा है, अपनी तकदीर हम खुद अपनी मेहनत और तलवार से लिखते हैं।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
जलने वालों को राख कर रहा है, अपनी तकदीर हम खुद अपनी मेहनत और तलवार से लिखते हैं।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।