रॉयल ऐटिट्यूड शायरी
सच है, हमारी निगाहों का ये तीखा असर हमारे बेबाक अंदाज़ में,
खुलेआम खलबली मचा रहा है, हमसे टकराने का अंजाम सिर्फ और सिर्फ तबाही और बर्बादी होता है।
खुलेआम खलबली मचा रहा है, हमसे टकराने का अंजाम सिर्फ और सिर्फ तबाही और बर्बादी होता है।