रॉयल ऐटिट्यूड शायरी
मेरे हमदम, दिलों पर हुकूमत करने की ये आदत ज़माने की सोच के पार,
तूफ़ान बनकर छा रहा है, हमारा नाम ही काफी है महफ़िल में खलबली मचाने के लिए।
तूफ़ान बनकर छा रहा है, हमारा नाम ही काफी है महफ़िल में खलबली मचाने के लिए।