रॉयल ऐटिट्यूड शायरी
कसम से, हमारे हौसलों की ये ऊंची उड़ान ज़माने की सोच के पार,
तूफ़ान बनकर छा रहा है, कि शेर की दहाड़ और हमारा जलवा हमेशा कयामत तक रहेगा।
तूफ़ान बनकर छा रहा है, कि शेर की दहाड़ और हमारा जलवा हमेशा कयामत तक रहेगा।