रॉयल ऐटिट्यूड शायरी
यकीन मानो, हमारी शख्सियत का ये भारी वजन खुले आसमान के नीचे,
अपना भारी खौफ और असर छोड़ रहा है, कि हम झुकते नहीं, ज़माने को झुकाने का पूरा दम रखते हैं।
अपना भारी खौफ और असर छोड़ रहा है, कि हम झुकते नहीं, ज़माने को झुकाने का पूरा दम रखते हैं।