रॉयल ऐटिट्यूड शायरी
बेशक, हमारी खामोशी में छुपा भयानक तूफ़ान मैदान-ए-जंग के हर कोने में,
ज़माने को झुकने पर मजबूर कर रहा है, क्योंकि जब हम मैदान में उतरते हैं तो इतिहास बदल जाता है।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
ज़माने को झुकने पर मजबूर कर रहा है, क्योंकि जब हम मैदान में उतरते हैं तो इतिहास बदल जाता है।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।