४ लाइन शायरी (रुबाई)
ज़िंदगी के सफर में, तेरी नज़रों का ये तीर मेरे ख्यालों की दुनिया में,
बेपनाह सुकून दे रहा है, कि अब तेरे इश्क में ही जीना और मरना मंजूर है।
बेपनाह सुकून दे रहा है, कि अब तेरे इश्क में ही जीना और मरना मंजूर है।