४ लाइन शायरी (रुबाई)
तेरी यादों का ये कारवां मेरे दिल के हर कोने में,
चाँद की तरह चमक रहा है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 398]
चाँद की तरह चमक रहा है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 398]