४ लाइन शायरी (रुबाई)
ऐ सनम, तेरे कदमों की आहट मेरी हर मुराद में,
हमेशा के लिए बस गया है, कि तेरी बाहों का ये आशियाना ही मेरी सच्ची जन्नत है।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
हमेशा के लिए बस गया है, कि तेरी बाहों का ये आशियाना ही मेरी सच्ची जन्नत है।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।