४ लाइन शायरी (रुबाई)
इश्क़ में, तेरी पनाहों का ये सुकून मेरी हर मुराद में,
हमेशा के लिए बस गया है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 668]
हमेशा के लिए बस गया है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 668]