४ लाइन शायरी (रुबाई)
खामोशियों के दरमियां, तेरी खामोशी का पैगाम मेरी आँखों की पुतलियों में,
दिल को दीवाना बना रहा है, कि तेरी बाहों का ये आशियाना ही मेरी सच्ची जन्नत है।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
दिल को दीवाना बना रहा है, कि तेरी बाहों का ये आशियाना ही मेरी सच्ची जन्नत है।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।