४ लाइन शायरी (रुबाई)
अक्सर, तेरी चाहत का नशा मेरी तकदीर के पन्नों पर,
मेरी पहचान बन चुका है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 360]
मेरी पहचान बन चुका है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 360]