४ लाइन शायरी (रुबाई)
खामोशियों के दरमियां, तेरी यादों का ये चमन मेरी हर सांस में,
गुलाब की तरह महक रहा है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 797]
गुलाब की तरह महक रहा है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 797]