४ लाइन शायरी (रुबाई)
बेशक, तेरी नज़रों का ये तीर मेरे ख्यालों की दुनिया में,
बेपनाह सुकून दे रहा है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 433]
बेपनाह सुकून दे रहा है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 433]