४ लाइन शायरी (रुबाई)
मेरे हमदम, तेरे साथ बिताया हर पल मेरे दिल की धड़कनों में,
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 405]
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 405]