२ लाइन बेस्ट शायरी
यूं तो, तेरी मासूमियत का ये अंदाज़ मेरे सपनों के आंगन में,
हर ग़म को मिटा रहा है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें।
हर ग़म को मिटा रहा है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें।